पीडब्ल्यूडी को सशक्त बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?


2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में 23.31 लाख व्यक्ति दिव्यांग हैं जो कुल जनसंख्या का 2.3 प्रतिशत है।कुल दिव्यांगजनों में महिलाओं की जनसंख्या 9.88 लाख एवं पुरुषों की जनसंख्या 13.3 लाख है। लगभग 88 प्रतिशत दिव्यांगजन ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, इनमें से अत्यल्प दिव्यांगजन ही नियोजित हैं। अतः दिव्यांगजनों का सर्वांगीण विकास एवं उनकी क्षमताओं के आधार पर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु राज्य सरकार द्वारा इस कार्य योजना को मूर्त रूप दिया गया है।

दिव्यांगजन व्यक्तियों को सशक्त बनाने का मुख्य उद्देश्य हैं:


  1. दिव्यांगजनों के विकास एवं उनके मनोबल को बढ़ावा देना ताकि वह अपने अधिकार को समझे |
  2. दिव्यांगजनों को अधिकार प्रदान करना ताकि वह अपनी क्षमता के अनुसार समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें
  3. दिव्यांगजनों को सभी प्रकार के उत्पीड़नों एवं दुर्व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करना जिनसे उन्हें नुकसान होने की संभावना है
  4. दिव्यांगजनों के लिय बाधा रहित वातावरण का निर्माण कर उन्हें समान अवसर एवं उनकी पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कराना
  5. दिव्यांगजनों को प्रदान की जा रहे अधिकारोंए मूल्योंए प्रथाओंए अन्य सभी प्रावधानोंए विनियमोंए अधिकारों और सेवाओं के बारे में सूचित करना