दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का क्रियान्वयन(SIPDA) : Sipda योजना दिव्यांगजन अधिनियम, 2016 के अधिकारों के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए बनया गया है, जिसमे विशेष रूप से पुनर्वास तथा बाधा मुक्त पहुंच का प्रावधान मुख्य है । इस योजना के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न स्थापित निकायों को अनुदान सहायता केन्द्रीय के द्वारा प्रदान की जाती है।
इस योजना के कार्यान्वयन के लिए, विभिन्न कदम उठाए गए हैं:-

  1. राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 66 के तहत किया गया है। राज्य सरकार द्वारा माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग की अध्यक्षता में राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है। राज्य सलाहकार बोर्ड दिव्यांगता के विषय पर राज्य की एक परामर्शी एवं सलाहकार निकाय है, जो दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं उनके अधिकारों के सम्पूर्ण संरक्षण के लिए राज्य के व्यापक नीति का सतत मूल्यांकन को बढ़ावा देने का कार्य करती है। राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्यों की बैठक प्रत्येक छः माह में कम-से-कम एक बार निर्धारित है।.
  2. राज्य आयुक्त के लिए सलाहकार समिति:-यह समिति दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 74 उप-धारा 8 में प्रावधानित है। इस समिति का गठन दिव्यांगता से संबंधित मामलों पर राज्य आयुक्त को सलाह देने के लिए किया गया है।
  3. सुगम्य भारत अभियानः:- सिपडा योजना के अधीन सुगम्य भारत अभियान का शुभारम्भ किया गया है। भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सार्वभौमिक सुगम्यता प्राप्त करने के उद्देश्य से सुगम्य भारत अभियान का संचालन 3 दिसम्बर, 2015 से किया गया है। जिसमें महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवनों, सार्वजनिक परिवहन एवं सरकार के वेबसाईट को दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाना है। इस अभियान के तहत पटना शहर के 28 सरकारी महत्वपूर्ण भवनों का चयन भारत सरकार द्वारा किया गया
  4. UDID परियोजना (Unique Disability ID For Persons with Disability):-UDID परियोजना PwDs को विशिष्ट आईडी प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस योजना के तहत दिव्यांगजन अपना आवेदन ऑनलाईन समर्पित कर सकते हैं तथा उन्हें परियोजना के तहत एक यूनिक नम्बर प्रदान करते हुए भारत सरकार द्वारा आई.डी. कार्ड निर्गत किया जायेगा। यूनिक आई.डी. कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजन सभी सरकारी योजनाओं का लाभ कहीं भी प्राप्त कर सकते है |इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन हेतु जिलों में सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण-सह-जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग एवं सिविल सर्जन जिला प्रशासक के रूप में नामित हैं। यूनिक आई.डी. कार्ड प्राप्त करने हेतु कोई भी दिव्यांगजन ऑनलाईन "http://www.swavlambancard.gov.in/" पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते हैं। साथ ही सिविल सर्जन कार्यालय में भी विहित प्रपत्र में आवेदन प्राप्ति किया जाता है। आवेदकों को यूनिक आई.डी. कार्ड हेतु आवेदन देने के लिए फोटो, पते का प्रमाण-पत्र एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होती है। आवेदन के उपरांत आवेदकों को यूनिक आई.डी. कार्ड डाक के माध्य्ाम से उनके द्वारा दिये गये पते पर प्राप्त होता है।
  5. प्रमाणीकरण: -दिव्यांग व्यक्तियों को दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए जिले में पंचायत स्तर पर समय-समय पर विशेष शिविर का आयोजन किया जाता है। उक्त शिविर में मेडिकल टीम द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद दिया जाता है। 40 प्रतिशत से अधिक की दिव्गयांगता वाले पेंशनभोगियों को भी पेंशन लाभ प्रदान किया जाता है। जिला / जिला सदर अस्पताल के सभी प्राथमिक चखने वाले केंद्रों में दिव्यांग परीक्षण और प्रमाणन कार्य किया जाता है।